दिल से हो दिल की सीधी बात
दिल से हो दिल की सीधी बात
दिल में कोई रहे ना उलझन।
मिट जाए सारी दिल की तडपन।
खुशी से झूमे बाँवरा ये मन।
जब दिल से दिल कहे
"सीधी बात"।।
जिंदगी बस चार दिनों की यारों।
इसे हंसते खिलखिलाते गुज़ारो।
सभी यारों को बस दिल से पुकरो।
करो यारों से बस दिल की
"सीधी बात"।
वक्त का दरिया बहता जाए।
बीता क्षण वापस ना आए।
खुशियों की गागर निश्चित भर जाए।
गर हो दिल से दिल की
"सीधी बात"।
जीवनभर तू जान न पाया।
कौन है अपना कौन पराया।
रह जाएगा अपनों का
हमसाया।
अपनों से हो गर दिल की
"सीधी बात"।
विधाता क्यों न सुने हमारी पुकार?
सारे सपने हो जाए साकार।
सच्चे प्रेम का हो साक्षात्कार।
जब 'उससे' हम करें दिल से
"सीधी बात"।
सफल हो जीवन, मिट जाए अँधियारा।
खिल जाए खुशहाली का सवेरा।
रह जाए न कुछ तेरा - मेरा ।
जब सभी करें दिल से
"सीधी बात"।
