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SONAM MAURYA

Inspirational

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SONAM MAURYA

Inspirational

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी

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ऐ ज़िन्दगी तुझे जीना अब सीख रही हूँ।

हर रोज जीती हूं, हर रोज मरती हूं

ऐ ज़िन्दगी ........तुझे जीना सीख रही हूँ।


अचानक से बड़ा होना, वो बचपना नहीं दिखेगा,

मेरी आँखों की चमक कही खो सी गयी है।

होंठो की नरमी...... पपड़ी में बदल गयी है।

क्योंकि मैं ठीक नहीं हूं।


मेरा आईना जानता है, मैं अंदर से रो रही हूं।

ऐ ज़िन्दगी...... तुझे जीना सीख रही हूं।।


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