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Phool Singh

Children

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Phool Singh

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तेज कौन जुबान या तलवार

तेज कौन जुबान या तलवार

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मैं और राघव दोनों एक ही दफ्तर में काम करते थे लेकिन दोनों का ही व्यवहार बिल्कुल अलग मैं ठहरा गरम दिमाग का और राघव बिल्कुल शांत, निश्चित और कर्म प्रधान| हमारी दोनों की अक्सर इसी पर बहस भी हो जाती है क्यूँ वह ऐसा है क्यूँ मेरी तरह आक्रामक रवैया अपना कर सारे काम नहीं करना चाहता लेकिन उसका कहना था कि जो काम शान्ति से हो सकता है उसके लिए परेशान क्यों होना| एक बार दफ्तर में मेरी और उसकी किसी ऑफिसर से बिगड़ गई अपने व्यवहार के अनुसार मैंने उस ऑफिसर को कहना-सुनना कर दिया जिससे और ज्यादा बात बिगड़ गई लेकिन राघव बिल्कुल शांत रहा और उसने कलम उठाई और उस ऑफिसर और अपनी सभी बातचीत को एक पत्र में विस्तार रूप दे सीनियर ऑफिसर से शिकायत कर दी| इस पर लिखित कार्यवाही भी हुई जिससे मैं और राघव दोनों निर्दोष साबित हुए और उस ऑफिसर को कार्यवाही की गई| तब मुझे समझ में आया कि तलवार से तेज जुबान होती है जो किसी को भी हिला कर रख देती है||


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