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Ritu Bawa

Drama

3  

Ritu Bawa

Drama

प्रेमचिन्ह

प्रेमचिन्ह

3 mins
285

रूजता ने अपने कदम धीरे-धीरे बाहर की ओर बढ़ा दिए और वह अपने सपनों की दुनिया मे जैसे पहुँच गई। अपने सुंदर गार्डन में पहुँचते ही उसे फूलों की महक ने अंदर तक महका दिया। पक्षियों की आवाजें जैसे उसके गार्डन की सुंदरता के कसीदे पढ़ रही हो। शाहजहां ने अपनी मुमताज के लिए ताजमहल बनवाया था और उसके राधे ने उसके लिए यह बाग बनवा दिया ताकि वह अपनी प्रकृति के नजदीक रह सके। अपने इस सुंदर बाग की देखभाल वह सूंघ कर ही कर लेती है। कितनी अजीब बात है कि वह बचपन से प्रकृति की गोद में पलने वाली ,हर फूल के रंगो को अपनी आँखों मे बसा लेने वाली अब सुंगध से ही उसका मजा ले लेती है।

उसकी और राधे की मुलाकात कॉलेज द्वारा आयोजित फ्लॉवर शो में हुई थी। बसंत उत्सव का आयोजन किया गया था । कॉलेज में काफ़ी भीड़ थी उसी समय वह राधे से टकरा गई थी और उसके हाथ मे पकड़ा फ्लावर पॉट गिर कर टूट गया था। वह बुरी तरह राधे पर

चिल्लाने लगी थी। राधे चुपचाप मासूम बच्चे की तरह उसकी डांट खाता रहा। फिर कार्यक्रम शुरू होने से पहले वह उसके पौधे को नए गमले में लगा उसके सामने हाजिर हो गया था। रूजता को उसकी मासूमियत भा गई और फिर वह दोस्त बन गए । कॉलेज के तीसरे वर्ष में ही उन दोनों ने शादी का फैसला कर लिया।

शादी के कई साल बीत गए पर भगवान ने उनकी गोद नहीं भरी। दोनों में इतना प्यार था कि उन्हें औलाद की कमी महसूस भी नहीं हुई।

एक दिन अचानक रूजता की आँखों से नजर आना लगभग बंद हो गया। डॉक्टर ने बताया कि रूजता की आँखों मे ग्लूकोमा की वजह से रोशनी खत्म हो रही है। राधे ने उसका बहुत इलाज करवाया पर कुछ असर नहीं हो रहा था। रूजता की हमेशा से तमन्ना थी कि वह अपना एक छोटा सा बगीचा बनाए पर अब तो उसको नजर आना भी कम हो गया था। वह काफी उदास रहने लगी थी धीरे-धीरे उसकी उदासी मानसिक तनाव में बदलती जा रही थी। राधे उसको उस तनाव से बाहर निकालना चाहता था।

राधे ने रूजता के लिए जमीन खरीदी और फिर दिन-रात एक करके उसको एक अच्छे बाग में तब्दील कर दिया और फिर एक दिन वह उसका हाथ पकड़ उसके इस सपनों में देखे बाग को हकीकत में दिखाने ले आया। रूजता को विश्वास ही नहीं हुआ कि राधे ने चुपचाप उसके लिए इतना सब कुछ कर डाला था। वह दिन-रात उसमें बिना सहारे के चलती। अपने फूलों को सहला कर उनकी सुगंध को सूंघ कर अपनी आँखों के सामने जीवित कर लेती।

अब तो दूर-दूर से लोग ताजमहल की तरह इस बाग को देखने आते और रूजता और राधे के प्यार की इस निशानी में खड़े हो कर अपने प्यार को भी उनके जैसा गहरा होने की मन्नतें मांगते हैं।


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