लेसन
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अनोखी कहानी हिंदी के साथ
एक गांव में तीन लड़की रहती थी आपस में एक दूसरे का बहुत ध्यान रखती थी और पूरे गांव का आदर सम्मान करती थी परंतु उनके गांव में बहुत सारी कमी नजर आती थी जैसे सरकारी हॉस्पिटल नहीं था सरकारी विद्यालय नहीं था कोई भी सरकारी ऑफिस वहां पर नहीं था कोई गांव वाला ध्यान भी नहीं देता था दूसरे गांव से अपने गांव पढ़ कर लौट रही थी उसी समय एक सहेली का पैर पत्थर से टकरा गया वहां पर कोई हॉस्पिटल की सुविधा नहीं थी उन्होंने इस रक्त स्त्राव को कैसे जैसे कम किया उसके बाद तीनों ने मिलकर निश्चय किया कि आप गांव के लिए कुछ करना चाहिए इसकी अलक हमें जगानी होगी जिस से आने वाली पीढ़ी को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े अनोखी सबसे बड़ी थी प्यार से उसे अन्नू कहते थे गांव वाले और कविता व अनीता तीनों आपस में अलग हो गई कुछ समय के लिए क्योंकि उन्हें गांव के लिए कुछ करना था अन्नू शिक्षा की ओर अग्रसर हो गई शिक्षा से डिग्री पाकर गांव में प्रवेश करती है और जी जान से मेहनत और प्रयास करती है।
उसके बाद उन्हें टीचर का पद मिलता है बाद में प्रमोशन होते होते प्रधानाचार्य का पद प्राप्त होता है अनोखी ने पूरे गांव में शिक्षा की निशुल्क सेवा देनी प्रारंभ की बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया उन्हें शिक्षित बनाया शिक्षा से ही बच्चों का सर्वागीण विकास संभव इसी को मूल मंत्र बनाते हुए इस पर जीवन भर काम करते रही कविता जिसने चोट खाई थी पैर में उन्होंने यह निश्चय किया की यदि आज मेरे पैर में लगी है कल किसी और पैर में भी लगेगी परंतु हॉस्पिटल नहीं था कविता ने नरसिंह कंपाउंडर की ओर कदम बढ़ाया पीएचडी की उपाधि प्राप्त की और गांव में हॉस्पिटल की सेवा प्रारंभ की यह भी फ्री में ही कार्य कर रही थी सभी प्रकार का इलाज लोगों को मिल रहा था हम लोग बड़े खुश दिख रहे थे अनीता सबसे छोटी थी परंतु दिमाग से बहुत तेज थी कम बोलती थी परंतु सत्य बोलती थी सत्य को ही इन्होंने अपना क्षेत्र बनाना स्वीकार किया यानी वकालत की पढ़ाई शुरू की शांतिपूर्वक पढ़ाई हो गई और एक बड़ी शानदार वकालत भी बन गई सबसे बड़ी खुशी की बात उनके लिए यह थी कि वकालत करते समय इनका एक परम मित्र की शुरुआत हुई वह गांव में ही तहसीलदार के पद पर मनोनीत हुआ गांव के लिए चारों तरफ खुशी का माहौल था चारों दोस्तों ने मिलकर इस जीवन की संघर्षपूर्ण यात्रा को पूरा किया और अपने जीवन में कुछ करने का जज्बा कायम किया।
आज सभी जगह तीन सेवा की सख्त जरूरत है चिकित्सा शिक्षा तहसीलदार तीनों ने ही खुद की और गांव की मिसाल कायम की वर्तमान में शिक्षा से ही सर्वागीण विकास संभव इसी के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या, जल संकट, बेरोजगारी, आतंकवादी घटना, सूचना क्रांति, राष्ट्र के प्रति हमारा नैतिक दायित्व, नारी शोषण, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभाषा में हमारा योगदान, भ्रष्टाचार, पर्यावरण प्रदूषण, बाल विवाह आदि घटनाओं पर विराम लगाया जा सकता है केवल जरूरत है हमें जगने की औरों को जगाने की कहानी के बारे में शिक्षा हमें किस प्रकार मिलती है वह बताया गया है और नीचे हमारा परिचय दिया गया है
*शिक्षा*
इस कहानी से यह सीख मिलती है कि हमें जीवन में कुछ करने की जिज्ञासा होनी चाहिए जिसको खुशी के साथ पूरा किया जा सकता है और पूरे गांव में शांति का माहौल पैदा किया जा सकता है यदि आप सही दिशा में कार्य कर रहे हैं तो मंजिल आपके कदम अवश्य चूमेगी।
