STORYMIRROR

Jyoti Sharma

Drama

4  

Jyoti Sharma

Drama

झूठ का सौंदर्य

झूठ का सौंदर्य

2 mins
622

अपनी रीमा को विदेश बुलाया है,एक ऑपरेशन के लिए.. कितनी खुशी की बात है ये हम भाग्यशाली हैं जो हम रीमा के माता पिता हैं। जया ने एक मीठी सी मुस्कान के साथ चाय की चुस्की ली..

वह कुछ सोचते हुए अतीत के पन्नों में उतर गई,जहाँ कुछ शब्द आज भी बिखरे हुए थे एक अनकहे से दर्द के साथ।

रीमा अपने माता पिता की दूसरी संतान थी,बड़ी बहन भी एक उच्च पद पर आसीन है।

जब रीमा तीन महीने की अपनी माँ की कोंख में थी तब सबको एक बेटे की उम्मीद थी।

जया को सास के वो शब्द आज भी पीड़ा में भर जाते हैं, जब उससे कहा गया था "ध्यान रहे जाँच के पूरे दस हज़ार नगद लगे हैं, इस बार भी बेटी हुई तो हम नहीं रखेंगे, सहमी सी जया हाँ में सिर हिलाते हुए अपनी सास के साथ वहाँ पहुँची जहाँ उस कोंख में पल रहे मासूम की ज़िंदगी का फैसला होना था।

दिल की धड़कनें बस कान्हा का नाम जप रही थी।

जाँच हुई। वही हुआ जिसका डर था। दिल को तार तार करती एक चित्कार भरी आह सहसा निकल गयी थी।

माँ तो माँ होती है आखिर, इतनी जल्दी हार मानने वाली कहाँ थी। अपनी बचत राशि से जितना जोड़ पाई थी ,सब साथ लेकर आई थी।

कहाँ पता था जिस बचत को बेटियों के भविष्य के लिए जोड़ा था वही जान बचाने को काम आएगी। एक झूठ की कीमत अदा कर जया ने अपनी नन्हीं परी को बचा लिया था..

सास तो दुनिया से चली गई लेकिन वो शब्द आज भी इर्द गिर्द ही घूमते हैं।

विशाल ने जया को झिंझोड़ कर पुकारा.."अरे कहाँ खो गई" आँखें पोंछते हुए जया ने रीमा को आवाज लगाई। सब अच्छे से रख लेना विदेश में माँ नहीं होगी।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Drama