Anita Gaur

Inspirational


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"हमारे शिक्षक और हमारा जीवन"

"हमारे शिक्षक और हमारा जीवन"

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शिक्षा का अलख जगाते,

नव सृजन-- नव राष्ट्र बनाते ।

सागर में गोते लगवाते ,

विघार्थियों को मोती बनाते ।


सत्यम् वदं सत् चारितम्,

नैतिकता ,अनुशासन की शिक्षा ।

विस्मृत ना हो संस्कृति हमारी,

ये सब शिक्षक की जिम्मेदारी ।।


एक रहे हम नेक बने हम,

मेहनत की हो कमाई ।

पाप -- कर्म से प्रभू बचाए ,

नित करे औरों की भलाई ।


शिक्षक ने वो पाठ पढ़ाया ,

करे कर्म ,कुछ ऐसा।

मानव जीवन सफल हो जाए ,

रखे ना मन में क्लेश ना दूजा।


जाति - धर्म पर हो ना हिंसा ,

मानवता की मिली शिक्षा।

भले -- बुरे की परख सिखाएं,

दुनिया में पहचान दिलाई ।


अंधविश्वास,रूढ़ियों को जड़ से मिटाए,

भारत को विकसित राष्ट्र बनाए।

संसाधनों की कमी ना आए ,

नव -- निर्माण कर राष्ट्र बनाए।


झूठ ,लालच , पाखंडों से ,

होती है अपमानित शिक्षा 

सत्मागो का राह दिखाएं ,

विद्या से अविध्या को मिटाए ।


ज्ञान की बहे अविरल गंगा,

सब तर जाए रहे ना जड़ता ।

पाषाण भी मृदु बन जाए,

करे प्रबुद्ध ऎसी दी शिक्षा ।


आत्म विश्वास , दृढ़ इच्छशक्ति,

साहस , शोर्य और धैर्यता।

समय प्रबंधन,के साथ ही ,

आदर्शवान ,बनने की शिक्षा।


आशाओं के दीप जलाकर,

अवसादों,संतापो को हर ले।

जीवन में लाए उजियारा,

सहज ,सरल,सुगम बना दे जीवन ।।


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