Munendra Parashar

Drama


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Munendra Parashar

Drama


एक तरफा मोहब्बत

एक तरफा मोहब्बत

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ये कहानी एक लड़के की है जो छात्र था। इसमें नाम ( राजेश)। बस काल्पनिक है 


राजेश के घर के पास एक लड़की रहती थी जिस से उसका छत्तीस का आंकड़ा था ।

राजेश जब भी वहां पानी भर ने जाता तो वो अजाती और जन बूझ कर कुछ ना कुछ हरकतें कर ने लगती ।

वो हमेशा झगड़े के मूड में ही रहती थी।


ये उन दिनों की बात है जब राजेश के एग्जाम चल रहे थे नवी कक्षा के ।


जब राजेश हैंडपंप पर पानी भर ने गया जो उस लड़की के घर के बाहर था।

जैसे ही राजेश ने पानी के लिए अपने बर्तन रखे तो वैसे ही वो लड़की बर्तन ले कर अगई और बडबडा ने लगी राजेश ने उसकी तरफ देखा और मुस्कुरा दिया।


तो वो और ज्यादा गुस्से में लाल होने लगी ।

जब भी राजेश पानी भर ने जाता वो जानबूझ कर निकाल आती और बडबडा ती रहती लेकिन राजेश बस मुस्कुरा कर टाल देता था।


ये सब चलता रहा धीरे धीरे राजेश के मन में उसके लिए भाव उत्पन्न होने लगे।


अगर वो बाहर नहीं आती तो राजेश का मन उदास उदास रहता ।


कभी वो पानी के बहाने जाता कभी छत पर उसे देख ने जाता।

दो तीन महीने तक उस लड़की को ये पता ना था कि राजेश उसे देख ने के लिए इतना तड़पता रहता है ।


की सारी धूप छत पर ही खड़ा रहता है।


वो लड़की तो बस दुश्मनी निभाए जा रही थी और राजेश भ एक तरफा मोहब्बत करता जा रहा था।


जिसका परिणाम भी सायद बुरा होने वाला था।

राजेश पड़ ने में भी ठीक ठाक था ।


लेकिन जब राजेश के मन में उस लड़की के लिए भाव उत्पन्न हुए तब से राजेश कि पड़ाई छत पर ही होने लगी।


ना राजेश धूप देखता ना भूख देखता बस वो उसके इंतजार में छत पर ही खड़ा रहता ।


ये बात वो लड़की तो समझ ना पाई लेकिन मोहल्ले की सारी लड़कियां और अंटियां जरूर समझ गई को लडका प्यार में पागल हो चुका है।


लड़की की दुश्मनी आसमान छू रही थी और राजेश की मोहब्बत परवान चड़ रही थी।


वो उसकी हर एक हरकत को बस प्यार की नजर से ही देखता।


जैसा कि हर 16 साल की उम्र वाले को प्यार होता है ।

वैसा ही सच्चा वाला प्यार राजेश को भी हुआ।


राजेश अपनी मोहब्बत को कभी जाहिर नहीं करता था ।

वो बस उस लड़की को देख कर अपने मन ही मन खुश हो लेता था 


राजेश को ये बात पता थी कि उस लड़की को ये पता लग गया कि राजेश उस प्यार करता है तो वो जान बूझ कर उसे तड़पाने के लिए घर से नहीं निकलेगी।


क्योंकि मोहब्बत तो एक तरफा वाली थी।

इसीलिए राजेश उस ओर ज्यादा गुस्सा दिलाता रहता ।


उस लड़की के घर पर कुछ दिक्कत हो गई और वो कुछ समय के लिए घर छोड़ कर रात में ही निकल गए ।

जब राजेश कि नीद खुली सुबह तब वो लोग जा चुके थे ।

जैसे ही किसी ने राजेश को बोला कि वो लोग हमेशा के लिए घर छोड़ कर चले गए है ।


तो राजेश के होश उड़ गए और उसकी हालत ऐसी हो गई जैसे बिना पानी के कोई मछली तड़पती हो।


उसका मन किसी भी काम में नहीं लग रहा था ना तो पड़ ने ना किसी और काम में ।


वो नहा के मंदिर गया और भगवान से प्रार्थना कर ने लगा कि उसको जल्दी से वापस लौट दे वहां पर।


अब तो राजेश का छत पर भी जाना बंद हो गया जो राजेश पड़ ने के बहाने छत पर कड़ी धूप में घूमता रहता था ।


आजकल वो कहीं खोया खोया सा रहने लगा था।


एक दिन जब राजेश घर से बाहर गया तो एक मोहल्ले कि लड़की ने पूछ ही लिया ।


की आजकल छत पर नहीं दिख रहे क्या पढ़ाई पूरी हो गई।


तो राजेश ने कुछ नहीं कहा और निकल गया चुप चाप से ।

एक दिन जब राजेश उसी जगह पर खड़ा था तो वो लड़की फिर से आ गई और बोली उस दिन जवाब नहीं दिया तुम ने।


तो राजेश ने बोला कुछ नहीं आजकल धूप ज्यादा हो रही थी तो कम जाता हूं छत पर।


तो वो लड़की बोली धूप की वजह से या फिर जिसके लिए जाते थे वो चली गई ।


तो राजेश नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है कौन चला गया ।

राजेश ने बोला।


तो लड़की बोली पहली मत बुझाओ में सब देखती रहती हूं।


तो राजेश ने बोला कि ऐसा ही कुछ समझ लो।


तो वो लड़की बोलती है आग एकतरफ से या दोनों तरफ से ।


तो राजेश ने कहा उसका मुझे नहीं पता मुझे बस अपना पता है।


तो लड़की बोली एकतरफा कर के तुमको क्या मिल ने वाला है ।


राजेश ने जवाब दिया में उसको देख लेता हूं वो ही मेरे लिए सब से बड़ा सुकून है।


तो लड़की बोली सही अभी उम्र कम है इसलिए प्यार दिख रहा है ।


देखते है ये प्यार कब तक चलेगा।


और वो लोग आने वाले है एक दो दिन में ऐसा उस लड़की ने कहा राजेश को।


जैसे ही राजेश को ये पता चला तो उसके मन को थोड़ी सी बेचैनी कम हुई ।


और राजेश ने उस लड़की को कहा कि धन्यवाद अपने मुझे ये सब बताया ।


लेकिन मेरी एक गुजारिश है उस को कभी मत बताना कि मेरे मन में उसके लिए प्यार वाले भाव है।


तो वो लड़की बोली में नहीं बताऊंगी तो कोई और बता देगा ।


यहां हर एक को पता है तुम्हारे छत पर सूख ने का राज।

और हंस कर चली गई।


जब राजेश घर आया तो सोचता हुआ कहीं ये लड़की उसको बता ना दे।


उसके आने की खुशी से ज्यादा ये दुख था राजेश को की उसको पता नहीं चल जाए।


जब दूसरे दिन वो आयी तो राजेश दौड़ कर धूप में ही छत पर गया उसको देख ने के लिए ।


जैसे ही राजेश ने उसे देखा तो उसकी जान में जान आई।


और वो फिर से छत पर दिन गुजार ने लगा ।


एक दिन किसी ने उस लड़की को बता दिया कि ये धूप में छत पर तुम्हारे लिए ही खड़ा रहता है ।


जैसे ही उस लड़की को ये पता चला कि राजेश उसके लिए ही खड़ा रहता है ।

तो उसने घर से निकलना बंद कर दिया।

और राजेश कि हालत फिर से वो ही होने लगी कि वो उसे देख ने के लिए छत पर घंटों खड़ा रहता उसके घर के आसपास चक्कर लगाता रहता ।


लेकिन को कभी आती ही नहीं राजेश एग्जाम भी आने वाले थे तो उसका मन बिल्कुल भी पड़ ने में नहीं लग रहा था।


कुछ दिन के बाद राजेश के एग्जाम जब शुरू हो गए और राजेश को घर वालों ने जोर दे ना शुरू के दिया कि बोर्ड की एग्जाम है पढ़ाई कर ।


तो राजेश का छत प्र जाना कम होगया बाहर भी कम निकलता था।


तो उसको लगा कि बस इतनी सी ही थी मोहब्बत जो पूरी हो चुकी है तो उस लड़की ने घर से निकल ना शुरू किया तो राजेश कि जान में जान आ गई ।


दिन में एक दो बार कैसे भी कर के उसको देख लेता था ।


जब एग्जाम खत्म हुए तो राजेश फिर से छत पर ही अपना दिन गुज़ार ने लगा ।


और उस ने फिर से छत पर आना बंद कर दिया ।


ऐसे राजेश को दो साल होने वाले थे ।


लेकिन लड़की के दिल में बस नफरत थी राजेश के लिए ।


कभी कभी राजेश को वो बेइज्जत भी के देती थी मजाक भी उड़ा देती थी ।


लेकिन वो बस सब कुछ अच्छा है ये सोच करनिकाल देता था। 


पहले तो राजेश ये सोचता था कि वो उस से कभी तो बात करेगी ।

लेकिन जब राजेश को दो साल होने को आए तो उसे प्ता लग गया था कि वो उस से हमेशा ही नफरत करेगी ।


जब उस ने बिल्कुल ही आना बंद कर दिया तो राजेश ने अपना संदेशा भिजवा ने कि कौशिश की ।


राजेश ने उस लड़की से कहा जिस ने राजेश से पूछा था ।


की मुझ पर एक एहसान कर दो उसको बोल दो की वो मुझे प्यार करे या ना करे लेकिन एक दिन में एक बार अपना चेहरा दिखा दिया करे ।


तो उस लड़की ने बोला कि में कौशिश कर रही हूं ।


उस लड़की ने कौशिश की उसको बोला कि तुम्हारे लिए एक संदेश है ।


तो उसने बोल दिया कि उसके बारे में अगर बोल ने अयी हो तो मत बोल ना ।


तो लड़की चुप चाप चली आती रही और आ कर राजेश को बोल दिया कि कुछ नहीं होने वाला ।


तो एक दिन राजेश ने खुद ही कागज के टुकड़े पर लिखा कि एक बार बात कर लो ।


और वो जब लड़की पानी भर ने अयो थी तब उसके पास फेंक कर आ गया ।


लड़की मुस्कुराई वो देख कर और उसे उठा कर ले गई।


जब राजेश छत पर खड़ा था तो उस उस लड़की के रोने की आवाज सुनाई दी ।


तो राजेश को लगा कि शायद उसके घर वालों ने उसे देख लिया और उसको पीट रहे है।


तो राजेश खुद को कौश ने लगा कि उसकी वजह से उसको भुगतना पड़ रहा है।


लेकिन कुछ देर बाद ये उलट निकला उस लड़की ने है जा कर खुद के घर वालों को रो कर बता दिया कि 

राजेश उसको देखता रहता है और उसको बात कर ने के लिए बुला रहा है ।


तो उसकी मां और और उसका भाई राजेश को मार ने के लिए उसके घर पर आ गए ।


उसके बाद जैसे तैसे बात रफा दफा हुई।


राजेश के पिताजी शाम को आए और राजेश की मां ने बताया की ऐसा ऐसा हुआ ।

तो 

राजेश के पिताजी ने राजेश को पीट ना शुरू के दिया।

 

 राजेश दूसरे दिन ना तो घर में और ना घर के बाहर किसी से नजर नहीं मिला पा रहा था ।


उसके एक दो दिन बाद राजेश सुबह चार बजे ही शहर के लिए निकल गया ।


कुछ दिन तो वो ये सोचता रहा कि उस ने ऐसा क्यों किया ।


लेकिन धीरे धीरे दिन निकलते गए और राजेश अपनी पदाई में व्यस्त होता गया ।


जब 6 या 7 महीने बाद अपने घर गया तब तक लोग उस चीज को इग्नोर कर ने लग गए थे और उसको इतनी झिझक भी नहीं हुई।


कुछ दिन के बाद उस लड़की की शादी हो गई ।


फिर जब भी वो लड़की अपने घर आती तो राजेश को देख कर मुस्कुाने लगती ।


लेकिन राजेश उस देख कर मुंह फेर लेता था ।



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