आए हम बाराती
आए हम बाराती
शादी का माहौल था। चारों तरफ हंसी खुशी का वातावरण था।
मंडप में बैठा दूल्हा दुल्हन का इंतजार कर रहा था। सब लोग एक - दूसरे को बधाइयां दे रहे थे। बाराती भी आवा भगत से बहुत खुश थे।
तभी एक आदमी दूल्हे के पास आता है और दूल्हे के कान में कुछ कहता है। दुल्हा मंडप छोड़कर बाहर आकर बैठ जाता है। सब लोग हैरत से एक - दूसरे से पूछने लगते है कि "अचानक से क्या हो गया है ?"
"दुल्हा क्यों मंडप से बाहर आकर बैठ गया है ?"
धीरे - धीरे लोगों में कानाफूसी होने लगी की दुल्हन जब ब्यूटी पार्लर से वापिस आ रही थी तो रास्ते में एक बच्चे को बचाते हुए किसी कार से उसका एक्सिडेंट हो गया है। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई है। वह अब अस्पताल में आईसीयू में भर्ती है और उसके माता - पिता भी वही पर है।
सभी बाराती खाना खाते है गिफ्ट लेते है और वापिस घर जाने के लिए बस में अपनी - अपनी सीट पर आकर बैठ जाते है।
तभी दुल्हा बस के ड्राइवर से कुछ बात करता है। थोड़ी देर बाद दुल्हे सहित पूरी बारात अस्पताल में नजर आती है। जहां पर सभी बाराती अपना ब्लड डोनेट करते है। कुछ बाराती अपने पास के पैसे भी खर्च करते है। कुछ देर बाद दुल्हन को होश आता है। डॉक्टर दुल्हन को खतरे से बाहर बताते है।
अब दुल्हा दुल्हन से अस्पताल में ही शादी कर लेता है।
