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Shubham jadav

Abstract

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Shubham jadav

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ज़िन्दगी शुभम की

ज़िन्दगी शुभम की

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थका हारा ज़िन्दगी को हर

अब तु ही मेरा आखिरी सहारा

तू साथ दे तो ठीक वार्ना

है जिंदगी को गंवाना।



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