ज़िंदगी की फ़िल्म
ज़िंदगी की फ़िल्म
ये ज़िंदगी किसी फ़िल्म से कम नहीं है
जिसमें हम ही अभिनेता और
हम ही खलनायक है
हमारे में अच्छाई और
बुराई दोनों है
इस फ़िल्म को हिट
हम कर सकते है
तजुर्बा, अनुभव से
ये ज़िंदगी की असली फ़िल्म है
हम जैसे भी है
वो बढ़िया है
हम खुद को स्वीकारते है
खुद को प्यार करते है
तब हमारा किरदार
लाजवाब हो जाता है
और हमारी फिल्म सुपर हिट
होती है
ज़िंदगी की बॉक्स ऑफिस में
जब ज़िंदगी खुल के जीते है हम
ये ज़िंदगी किसी फिल्म से कम नहीं है
इस किरदार को यादगार बनाना चाहिए
इस किरदार को लोगों के
दिलों में जगह बनानी चाहिए
