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Chanchal Chauhan

Abstract

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Chanchal Chauhan

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वसंत की हरियाली

वसंत की हरियाली

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डाल डाल हरियाली छाई 

कलिया खिल खिल आई, 


फूलों से तितली रंग भरने आई

मधुमक्खी रस लेने आई, 


चिड़िया बागों में चहचहाई

कोयल अपना गीत सुनाई, 


 सरसों के फूलों ने ली अगड़ाई

खेतों में पीली फुलवारी आई, 


वसंत ऋतु हवा झोका लाई 

फूलों की महक संग हैं लाई, 


मौसम में थीड़ी चहल है आई 

शीत ऋतु में छुपी थी जाई, 


प्यारा सा रंग है लाई 

मन में हरियाली छाई|


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