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Mukesh Harsh

Inspirational

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Mukesh Harsh

Inspirational

वीर कभी मरते नहीं

वीर कभी मरते नहीं

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मरते है इन्सान मगर

वीर कभी मरते नहीं |

तजते है वो प्राण अपने ,

शीश कभी झुकते नहीं |

आज़ादी है इनकों प्यारी,

शीश हथेली धरते है |

ओरों को कराते अमृतपान,

खुद हलाहल पीते है |

देते है अपना सब कुछ ये,

पन्नों पर छपते नहीं |

मरते है इन्सान मगर

वीर कभी मरते नहीं |

तजते है वो प्राण अपने ,

शीश कभी झुकते नहीं |



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