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Chaitanya Arya

Inspirational


4.8  

Chaitanya Arya

Inspirational


तू चलते जा ! ऐ पथिक तू चलते जा

तू चलते जा ! ऐ पथिक तू चलते जा

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तू चलते जा! ऐ पथिक

तू चलते जा...


तू परंतत्व का अंगभूत

तू ईश्वर का लाडला सुपूत

तू कण-कण तू  

चल चल तू

हर बाधा का है हल तू 

तू चलते जा... 


तू नव ऊर्जा का वृजन

तू कर नव दृष्टि का सृजन 

तू क्षण- क्षण तू

हर पल तू

समाज हित कर विचार तू

तू चलते जा...


तू दुर्बलों का आशा बिंदु

तू पावन है सम गंगा-सिंधु 

तू थर-थर से

हर स्तर से

दीन-हीनों का कर उद्धार तू

तू चलते जा...


तू माँ भारती का है रक्षक 

तू मारता जा देशद्रोही तक्षक

तू जन-जन से 

तू मन-मन से

मत-भेदों को मिटाते जा तू 

तू चलते जा ...


तू मत भूल तेरा मार्ग कठिन

तू ना हो माया से भ्रमित 

तू चल-चल तू

ना रुक तू

संकटों पर कर विजय तू 

तू चलते जा...


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