Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Varsha Barot

Inspirational

3  

Varsha Barot

Inspirational

तुम क्यों उदास होती हो

तुम क्यों उदास होती हो

1 min
311


तुम क्यों 

उदास होती हो,

देखो

ये सूरज निकल आया है

कल के घोंसले में अँधेरे को छोड़कर 

धूप पंख फैलाए घूम रही है 

कुछ बिखर रहा है 

जमी पर 

तुम्हें छूने के लिए 

पहचानती हो ?


तुम भी देखो उसे छूकर

जो

तुम्हारे लिए है..

आओ

बाहर निकलो 

और 

देखो

कितना कुछ बिखरा पड़ा है 

तुम्हारे लिए...

तुम क्यों 

उदास होती हो 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational