तरकश के तीर
तरकश के तीर
माथे की शिकन मन को घबराये
आने वाले पल तुझे चिंता सताये
खींच प्रत्यंचा छोड़ सारे ख्याल
तरकश के तू तीर निकाल।
प्रयत्न तेरे जो सारे गए व्यर्थ
हार न हिम्मत तू है समर्थ
ले निशाना अब तू दिखा कमाल
तरकश के तू तीर निकाल।
हारे जो युद्ध तूने वह तेरा परिणाम है
जीतेगा तू अगला यह तेरा ऐलान है
गिरे जो धरा पे तेरे तीर संभाल
तरकश के तू तीर निकाल।
न छोड़ना प्रयास की यही तेरी हस्ती है
डगमगाए जो हौसले नहीं हिम्मत इतनी सस्ती है
भेद दे लक्ष्य मचा दे बवाल
तरकश के तू तीर निकाल।
