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Raja Mukherjee

Abstract Others

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Raja Mukherjee

Abstract Others

समय !!!

समय !!!

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समय से सबको सब सुनाऊँ

तुम्हें समय के बारे में क्या बताऊँ

समय के बारे में हम सब, सब जानते हैं

फिर भी पता नहीं, इससे क्यों अनजान बने फिरते हैं 


समय को जिसने भी भाई जाना 

समय ने दिया उसे नया ठिकाना

समय को जिसने भाई नहीं माना

समय ने दिया भाई उन्हें वीराना


समय सबको सीखाता समय के साथ चलना

जिसे सीखकर चलो समय के साथ बढ़ना

वरना हाल हो मेरे जैसा, यह ना मैं चाहता

भटको इस वीराने में, यह नहीं तुम्हें शोभा देता



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