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aarya sawale

Abstract

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aarya sawale

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स्कूल के वो दिन !

स्कूल के वो दिन !

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जहाँ पर आये थे रोके

और गए रोके वो आखिरी दिन,

याद आते हैं

स्कूल के वो मस्ती भरे दिन‍।


Teacher के नए नए नाम बनाकर

दूसरों को गर्व से सुनाते,

Teacher को "गुड मॉर्निंग" गाके सुनाते‍।


पेन फाइट से लेकर कितने गेम्स

हम खेला करते है,

फिर चौक के तुकडे कर

एक दूसरे पर फेंकते।


Washroom मे साथ जाना

आधा period वही बीताना,

"बस के पास मिल "

यह दूर से चिल्लाना।


वो बचपन का यार

उसे मिलने के लिए, हम रहे तैयार,

वो जिंदगी का पहला दोस्त

दुःख मे बन जाता है host।


जब Annual function आता

तब पूरा स्कूल सज जाता,

हर एक ग्रुप फोटो मे

आपने दोस्त को गुदगुदाना।


स्कूल की यादे

स्कूल की बातें,

आज भी मन में है।


जब मन करता

तब स्कूल के सामने जाते,

वो आँखों के सामने आके

चेहरे पर मुस्कान छोड़ जाते।


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