सड़क पर भिखारी prompt9
सड़क पर भिखारी prompt9
शहरीकरण हुआ, विकास हुआ, सड़कों का विकास हुआ,
लोगों की अमीरी बढ़ी, सड़कों पर महंगी कारें बढ़ी,
लेकिन गरीब लोगों की गरीबी भी बढ़ी, सड़कों पर भिखारियों की भीड़ भी बढ़ी,
एक तरफ आलीशान भवन, आलीशान गाड़ियां बढ़ी,
दूसरी तरफ गंदे नालों के पास झोपड़िया बढ़ी,
सड़कों पर भीख मांगने वालों की संख्या बढ़ी,
समाज का यह कैसा विकास हुआ जिसमें
अमीर व गरीब का इतना अंतर बढ़ा,
एक तरफ बचा हुआ खाना डस्टबिन में फेंका जाता है
दूसरी ओर भूखे लोगों को बचा हुआ खाना भी नहीं मिल पाता,
दिनों दिन अमीरों की संख्या बढ़ती जाती
लेकिन गरीबों तथा भिकारियो की संख्या भी है बढ़ती जाती,
आज हमें सोचना होगा कैसे गरीबी मिटे, इसका विचार भी करना होगा,
योजनाएं ऐसी बनानी होगी समाज में गरीबों व अमीरों के अंतर को पाटना होगा,
शहरीकरण व ओद्यौगिकरण का काम भी करना होगा
लेकिन कोई भिखारी सड़कों पर ना मिले,
भीख ना मांगे इसका भी निवारण करना होगा,
शहरीकरण हुआ, विकास हुआ व सड़कों का विकास हुआ,
लोगो की अमीरी बढ़ी, सड़कों पर महंगी कारें बढ़ी,
लेकिन गरीब लोगों की गरीबी भी बढ़ी, सड़कों पर भिखारियों की भीड़ भी बढ़ी।
