STORYMIRROR

Shreya Singh

Inspirational

3  

Shreya Singh

Inspirational

रंग दे बसंती चोला

रंग दे बसंती चोला

1 min
160

आज सुनाता हूँ मैं कविता

ऐसे वीर बलिदानी की

आज़ादी की खातिर,

जिसने बलि दी भरी जवानी की


घर- घर में आज़ादी की

जिसने थी लो जलाई

अंग्रेज़ों को यह कह कर

जिसने ललकार लगाई के


मेरा रंग दे बसंती चोला,

माए ,रंग दे बसंती चोला

मेरा रंग दे बसंती चोला

माए, रंग दे बसंती चोला।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational