STORYMIRROR

Shreya Singh

Others

2  

Shreya Singh

Others

अब फ़र्क़ नहीं पड़ता

अब फ़र्क़ नहीं पड़ता

1 min
50

जब मन आओ 

बात करो और फिर चले जाओ, 

जब मन आओ 

बात करो और फिर चले जाओ।

ऐसे ही तड़पोगे तुम भी कभी 

ऐसे ही तड़पोगे तुम भी कभी 

मेरे लिए नहीं किसी और के लिए सही, 

तब याद आएगी तुम्हें तुम्हारी बेवफाई 

तब याद आएगी तुम्हें तुम्हारी बेवफाई।

तड़प कर तब तुम ढूंढोगे तन्हाई 

और तुम्हें तुम्हारी परछाई भी नहीं देगी दिखाई।


Rate this content
Log in