INDU JAIN
Abstract
अतीत अब परे
साक्षात की बुलंदी से है
वास्ता अब है मेरा
यथार्थ से।
ना शुभ ना लाभ
ना भाग्य ना विधाता
लगन है अब
मुझे पुरुषार्थ से।
पुरुषार्थ
एक तस्वीर
छोटी सी लड़की
खुद से कर इक वादा, फिर, इक बेहतर कल बनायेंगे। खुद से कर इक वादा, फिर, इक बेहतर कल बनायेंगे।
एक मां के लिए जान से भी प्यारी होती संतान। एक मां के लिए जान से भी प्यारी होती संतान।
गर्मी के गर्भ में बरखा छुपी है गर्मी भी धरा को देती खुशी है। गर्मी के गर्भ में बरखा छुपी है गर्मी भी धरा को देती खुशी है।
नई नई मेलजोल नई भक्ति भाव देखिए नई नई बोलठोल नई शक्ति ताव देखिए। नई नई मेलजोल नई भक्ति भाव देखिए नई नई बोलठोल नई शक्ति ताव देखिए।
रहना मिलकर हमें यहीं हम सबका ठौर है ! रहना मिलकर हमें यहीं हम सबका ठौर है !
कोई कुछ कहे फर्क न पड़ता, में अपनी मौज का परिंदा हूं। कोई कुछ कहे फर्क न पड़ता, में अपनी मौज का परिंदा हूं।
लग ले गले, हँस ले साथ दो घड़ी, कर लेने दे मन को नर्तन। लग ले गले, हँस ले साथ दो घड़ी, कर लेने दे मन को नर्तन।
लोग बना लेते है ऐसा नजरिया जिनके विचार कभी सामने नहीं आते। लोग बना लेते है ऐसा नजरिया जिनके विचार कभी सामने नहीं आते।
यादें हैं तो हम जी रहे हैं और खूबसूरत यादों को बुन रहे हैं यादें हैं तो हम जी रहे हैं और खूबसूरत यादों को बुन रहे हैं
इसका मक़सद हैै केवल इतना, कभी हमें रुुलाना तो कभी हमें हंसाना। इसका मक़सद हैै केवल इतना, कभी हमें रुुलाना तो कभी हमें हंसाना।
प्रेम भाव से मिलकर सब प्रेम से रहो इस गुलदस्ते में। प्रेम भाव से मिलकर सब प्रेम से रहो इस गुलदस्ते में।
प्रकृति का यह अद्भुत चमत्कार हैं नॉर्दर्न लाईट बेमिसाल हैं। प्रकृति का यह अद्भुत चमत्कार हैं नॉर्दर्न लाईट बेमिसाल हैं।
ज़िन्दगी रूह की मोहताज है, यूं न इतराओ! ज़िन्दगी रूह की मोहताज है, यूं न इतराओ!
फिर क्यों किसी को समझ ना आया, ये कैसा नेता हमने पाया ? फिर क्यों किसी को समझ ना आया, ये कैसा नेता हमने पाया ?
हिम्मत भी अधीर होकर बल-खाने लग गई मन-आत्मा भगवान की भक्ति गाने लग गई।। हिम्मत भी अधीर होकर बल-खाने लग गई मन-आत्मा भगवान की भक्ति गाने लग गई।।
न जाने कोई खुशी देने वाला न मिले गम को खुशी के जैसा मानना चाहिए। न जाने कोई खुशी देने वाला न मिले गम को खुशी के जैसा मानना चाहिए।
खुशी मेरी अधूरी है तेरा साथ बहुत ज़रूरी है। खुशी मेरी अधूरी है तेरा साथ बहुत ज़रूरी है।
चाहे कितना भी नोचो उखाड़ो और दबाओ, मन में पलती ही रहती हैं, चाहे कितना भी नोचो उखाड़ो और दबाओ, मन में पलती ही रहती हैं,
कुछ वक्त के बाद तोहमे भी उस किरदारों में जिना है। कुछ वक्त के बाद तोहमे भी उस किरदारों में जिना है।
खोल दो रस्ते की, जिंदगी उससे गुजरने पाए। खोल दो रस्ते की, जिंदगी उससे गुजरने पाए।