End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!
End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!

Sneha Chaurasiya

Inspirational


4.8  

Sneha Chaurasiya

Inspirational


प्रेम

प्रेम

1 min 507 1 min 507

मुझे अब जाकर प्रेम का मतलब समझ आया,

मैने जिंदगी के अनमोल पल कुछ लोगों को दिए,

उन्हें हमेशा खुश देखना चाहा,

पर इन सब में मेरी ख़ुशियाँ कहाँ ग़ायब हो गई

पता न चला,


मैं फिर भी खुशी का मुखौटा पहनकर चलती रही,

पर जब इस मुखौटे ने साथ नहीं दिया

तब कुछ अपने भी चले गए,

रहा तो बस चंद दोस्तों का साथ,


जिन्होने मुझे फिर से हँसना सिखाया,

जिन्होने मुझे जीने की एक नई उम्मीद दी,

जिन्होने मुझसे उस मुखौटे बगैर प्रेम किया,

जिन्होने मुझे अपनों का मतलब समझाया,

हाँ, इन चंद दोस्तों ने मुझे प्रेम का मतलब समझाया


Rate this content
Log in

More hindi poem from Sneha Chaurasiya

Similar hindi poem from Inspirational