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Kalyani Kalkate

Abstract

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Kalyani Kalkate

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नारी

नारी

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हां मैं नारी हूं

जीवन से अब नहीं हारी हूं,

हां मैं नारी ही हूँ

उपर से हूं शांत


भनक रहीं अंदर से आग

काली,चंडी हूं मैं

आदिशक्ती का रुप हूं मैं


होंगी दुनिया खमोश

उड़ जायेंगे सबके होश

जब देखोंगे मेरा जोश


हां मैं नारी हूं

जीवन से अब नहीं हारी हूँ।


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