मुक्तक
मुक्तक
वापस फिर आता नहीं,
समय गया जो बीत.....
खुशी गमी से सींच लो,
अपने मन की प्रीत...
कलम हाथ में दी प्रभु ने,
उसका रखना मान
कठिन है रास्ता बेशक
लिखना मन के गीत!
वापस फिर आता नहीं,
समय गया जो बीत.....
खुशी गमी से सींच लो,
अपने मन की प्रीत...
कलम हाथ में दी प्रभु ने,
उसका रखना मान
कठिन है रास्ता बेशक
लिखना मन के गीत!