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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

मस्ती कर ले जीवन में

मस्ती कर ले जीवन में

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खिलखिलाकर

हंसना

जीवन है

मस्ती

करना

जीवन है


हर फिक्र को

हवा में

उड़ाना

जीवन है


आगे

बढ़ते जाना

जीवन है

लाख

टेंशन हो

सर पर

सब टेंशन को

किनारे रख

खुश हो जाना

जीवन है


यह जीवन

गीली

मिट्टी का

लोंदा है

तुम हीं

कुम्हार हो

जैसा ढालोगे

वैसा

आकार

ले लेगा


क्यों हम

दुख में

जीवन को

बर्बाद करे

एक एक

पल

घटते

जाता है


मृत्यु के

शिखर पर

बढ़ते

जाता है

क्यों न

खूबसूरत

पल

चुरा कर

शेष बचे

इस

जीवन को

आवाद करे।


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