STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

4  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

मस्ती कर ले जीवन में

मस्ती कर ले जीवन में

1 min
641

खिलखिलाकर

हंसना

जीवन है

मस्ती

करना

जीवन है


हर फिक्र को

हवा में

उड़ाना

जीवन है


आगे

बढ़ते जाना

जीवन है

लाख

टेंशन हो

सर पर

सब टेंशन को

किनारे रख

खुश हो जाना

जीवन है


यह जीवन

गीली

मिट्टी का

लोंदा है

तुम हीं

कुम्हार हो

जैसा ढालोगे

वैसा

आकार

ले लेगा


क्यों हम

दुख में

जीवन को

बर्बाद करे

एक एक

पल

घटते

जाता है


मृत्यु के

शिखर पर

बढ़ते

जाता है

क्यों न

खूबसूरत

पल

चुरा कर

शेष बचे

इस

जीवन को

आवाद करे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract