मंज़िल
मंज़िल
ज़िन्दगी के तूफ़ानों से मुझे लड़ते जाना है,
मुश्किलों का सफ़र तय करते हुए,
मुझे मंज़िल को पाना है।
इस सफ़र में पग-पग पर मोड़ आएँगे,
जो मेरे रास्ते को बेहद मुश्किल बनाएँगे।
इन मोड़ों को काट कर मुझे अपना रास्ता बनाना है,
मुश्किलों से हार नहीं माननी,
बल्कि अपना हौसला बढ़ाना है।
मुझे है यकीन ख़ुद पर, कि मैं ऐसा कर पाऊँगी।
सारी मुश्किलों को पार करते हुए,
अपनी मंज़िल तक पहुँच जाऊँगी।
