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Abdullah Khan

Inspirational

4  

Abdullah Khan

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मेरी बोली मेरी भाषा हिंदी

मेरी बोली मेरी भाषा हिंदी

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जीवन की कोई अभिलाषा हो..! 

कुछ लिख जाने की आशा हो..!! 

हिंदी मेरी निज भाषा हो..!

हिंदी मेरी कार्यभाषा हो..!! 

तत्भव, तत्सम या सर्ग विसर्ग..!

मन का मौन हो या तर्क वितर्क..!!

हिंदी मेरी पाठ्यभाषा हो..! 

हिंदी मेरी तर्कभाषा हो..!! 

इस जीवन के बाद भी गर..! 

नये जीवन की कोई आशा हो..!!

मैं हिंदी का भाषी होऊ...!

हिंदी मेरी भाषा हो...!!

चाहे रहूं यूरोप या अमेरिका..!

क्यू ना डब्लू एच ओ या नासा हो..!!

मैं हिंदी का परिचय बन जाऊं..! 

हिंदी मेरी परिभाषा हो..!!


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