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कवियत्री. पायल भारती जैपाल कोडापे (शब्दवेडी)

Abstract

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कवियत्री. पायल भारती जैपाल कोडापे (शब्दवेडी)

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मेहमान वह आया है....!

मेहमान वह आया है....!

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पायल है नाम मेरा 

अजी हर दर्द मै मुस्कुराती हूँ

आओ आज मैं तुम्हे periods 

की बात बताती हूँ...


अलग जगह अलग खाना 

अजी बंद कमरे मै बिठाया है 

खास नहीं है बात कोई 

बस महीनेवाला मेहमान फिर से आया है.....


रोते देख पापा ने मा से 

रोने की वजह पुछा है

मा ने आख दिखाके मुझको 

तबीयत खराब है ए बहाना उन्हे बताया है....


माँ ने कहा था कि

चोट लगे तो मुझे आके बताना है 

महीनेवाला किस्सा देखकर 

माँ ने मुझे ही गुमनाम कर डाला है.....


अब समाज के रीतियों का 

विसर्जन मुझे करवाना है

Periods के बारे में सबको

अब मुझे ही समझाना है...


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