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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract Inspirational

मां

मां

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मां

यह

एक 

अपनेआप में

संपूर्ण

शब्द है


मां के आगे

सारे रिश्ते

बौने है

मां

के नजर में

बेटा

हमेशा

बेटा

होता है


मां का

त्याग 

परिभाषा से 

परे है

मां

के ही

आशीर्वाद से

बच्चे

आगे बढ़ते हैं


मां

जीवनदाता है

मां

सब कुछ है

मां के

समर्पण को

शब्दों में

बयान नहीं

किया

जा सकता


मां के

ऋण को

कभी भी

उतारा नहीं

जा सकता


मां के लिए

सिर्फ

एक ही

शब्द है

जो सम्पूर्ण है

सर्वस्व है

सार्वभौमिक है

शाश्वत है

और वो है

मां


यह एक ऐसा

पद है

जिसके आगे

सारे पद

बौने होते हैं।


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