मां तेरे जाने के बाद
मां तेरे जाने के बाद
क्या लिखूं मन की कैनवास पर कोई रंग अब चढ़ता ही नहीं,
मां तेरे जाने के बाद कोई मन की बात समझता ही नहीं।
पापा की आंखें हैं सूनी, सूना घर सूनी बगिया,
तेरी रोटी की आस लिए, जोर - जोर से रंभाती गैया ।
आंगन की तुलसी सूख गई, मां जबसे तू रूठ गई,
खाने में कोई स्वाद नहीं है, तेरे सिवा कुछ याद नहीं है।
देखती हूं जब तेरी तस्वीर, लगता है तुम आ जाओगी,
करोगी लाड - प्यार करोगी, माथा मेरा सहलाओगी।
कर लेती हूं आंखें बंद मैं, ख़्वाब सुनहरा टूटे ना,
सपना तो सपना ही सही मां, साथ तुम्हारा छूटे ना।
