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bhagyshri Sangale

Inspirational

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bhagyshri Sangale

Inspirational

माँ भगवान का रूप होती हैं

माँ भगवान का रूप होती हैं

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गिनती नही आती है मेरी माँ को 

एक रोटी मांगु तो थाली मैं दो देेेेके  जाती है

मुझेे खुुद से भी ज्यादा पहचानती हैं

मेरेे परेशानियो को कितनी भी छुपा लूँ

लेकिन भी फिर भी दिल मैं झाँक  कर सब 

समझ जाती है

खुद जगाा जागकर मुुुुझे  

सुलाती है खुद रोकर मुझेेेे हसाती है 

अपनेे 

अकेेले पणं को भुलाकर हमेशा मेरा  

साथ निभाती है

अपने जख्मो को भुलाकर

मेरे जले पे मरहम लगाती है 

शायद एसीलिये  

धरती पेे माँ भगवान का रूप कहलाती हैं!



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