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Rashi Maurya

Abstract

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Rashi Maurya

Abstract

कुछ

कुछ

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 कुछ हरे है, कुछ भरे है है

कुछ खास है, कुछ पास है

कुछ अभी भी साथ है

कुछ मैं है कुछ मैं थे

कुछ कहते है कुछ कहते थे

कुछ सुनने नहीं, कुछ सुनाएं नहीं

कुछ सामने लाएं नहीं

वक्त कभी था ही के समझ पाए के

दर्द तो गहरे है


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