STORYMIRROR

Sudhir Srivastava

Abstract

4  

Sudhir Srivastava

Abstract

कर्तव्य और अधिकार

कर्तव्य और अधिकार

1 min
359

यह कैसा अधिकार है

जहाँ कर्तव्य का उपहास है,

सिर्फ अधिकार हमारा है

कर्तव्य तो औरों का है

हमारा तो बस यही सिद्धांत है।

ये बेशर्मी है, जो ठीक नहीं है

हर किसी का अपना अधिकार है

तो कुछ कर्तव्य भी है,

यदि अधिकार चाहते हो तो

कर्तव्य निभाना भी सीख लो

सिर्फ अधिकार की भीख नहीं

अपने कर्तव्य का भी साथ ले लो।

तभी तुम आगे बढ़ सकोगे

वरना भीख की बैशाखी पर

चलते हुए असमय मरोगे।

इंसान हो तो इंसान की तरह रहो

कर्तव्य से पल्ला झाड़ मुँह न छिपाओ,

वरना बहुत पछताओगे

समाज और राष्ट्र की बात छोड़ो

अपने खुद के घर में भी 

अधिकार की भीख के बदले

सिर्फ दुत्कारे जाओगे।

तब कर्तव्य की तो बात छोड़ो

अधिकार की बात भी भूल जाओगे।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract