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VIPIN KUMAR TYAGI

Abstract

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VIPIN KUMAR TYAGI

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कोरोना के 21 कटु अनुभव

कोरोना के 21 कटु अनुभव

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कोरोना एक महामारी है इसने

हमें अनेक कटु अनुभव है दिय,

हमें जीवन में पहली बार इतने दिन

घर के अंदर ही रहने को मजबूर है किया,


कोरोना ने हमारी जीवन शैली को

पुर्ण रूप से बदल है दिया,

हमारी अर्थव्यवस्था को बुरी तरह बर्बाद है किया,

पूरे विश्व की अर्थ्यवस्थाओं को भी इसने बर्बाद है किया,

पूरे विश्व को लॉक डाउन को मजबूर हैं किया,


चीन,जर्मन,फ्रांस,अमेरिका जैसी

महाशक्तियों को भी घुटने टेकने को मजबूर हैं किया,

सम्पूर्ण विश्व को इस महामारी से

बचाव को सोचने को मजबूर है किया,


इतने लंबे समय तक संपूर्ण विश्व को

घर के अंदर रहने को मजबूर हैं किया,

स्कूल,कॉलेज,विश्व विद्यालय व सभी

शिक्षण संस्थाओं को बंद रखने को मजबूर हैं किया,

सभी छात्रों की पढ़ाई को बर्बाद करके रख है दिया,


सभी को सोशल दिस्टेंसिंग, सेनिटिजेशन व

बार बार साबुन से हाथ धोने को मजबूर है किया,

पहले हम जब मिलते थे तो हम हाथ मिलाते,

गले मिलते लेकिन कोरोना ने दूर से ही

नमस्ते करने को मजबूर है किया,


हमें पहली बार इतने दिनों तक खेलकूद

आदि से दूर रहने को मजबूर है किया,

कोरोना ने समस्त विश्व को खेल

गतिविधियों को बंद करने को मजबूर है किया,

कोरोना ने ओलंपिक खेलों को भी

इस वर्ष बंद करने को मजबूर है किया,


कोरोना ने संपूर्ण विश्व के खेलों

को बुरी तरह प्रभावित है किया,

कोरोना ने सम्पूर्ण विश्व की ओद्योगिक

गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित है किया,

करोड़ों लोगों का रोजगार कोरोना के

कारण गया तथा उन्हें बेरोजगार होने को मजबूर है किया,


प्रवासी मजदूरों को भी बेरोजगार

कर भूखे रहने को मजबूर हैं किया,

कोरोना ने लाखो लोगो को पैदल ही

सैकड़ों किलोमीटर चलकर

घर पहुंचने को मजबूर हैं किया,


कोरोना ने सभी दुकानों को भी

बंद रखने को मजबूर हैं किया,

सभी आर्थिक गतिविधियों को

बंद करने को मजबूर है किया,


सम्पूर्ण विश्व में दो लाख से ज्यादा लोगों की जिंदगी छीन,

करोड़ों लोगों को अस्पताल के रहने को मजबूर है किया,

ट्रेन,हवाई जहाज,बस व कार आदि को भी

इतने समय तक बंद रखने को मजबूर हैं किया,


कोरोना ने बीमार लोगो के लिए खतरनाक बनकर

उन्हें भी अपना शिकार बनने को मजबूर है किया, से

कोरोना एक महामारी है जिसने हमें अनेक कटु अनुभव है दिया।


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