Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!
Buy Books worth Rs 500/- & Get 1 Book Free! Click Here!

Paresh Bhajgotar

Romance


2.4  

Paresh Bhajgotar

Romance


खुदा हो तुम

खुदा हो तुम

1 min 3 1 min 3

लफ्जों मे कैसे ब्यान करूं कि 

मेरे लिए कितनी खास हो तुम 

वजह हर बात की मगर, 

बेवजह की आरजू हो तुम 

बंदिशे हजार तेरे इश्क़ की पर 

आखरी साँस तक पाने की जिद हो तुम 

नए नए तरानो के साथ गूंजती हुई 

बिन मौसम की बारिश हो तुम 

बात सिर्फ रूह तलक नहीं 

हर धड़कन मे शामिल हो तुम 

इबादत है सिद्दत से हमारी 

हर नजर से खुदा हो तुम! 



Rate this content
Log in

More hindi poem from Paresh Bhajgotar

Similar hindi poem from Romance