जय जननी !!!!!!
जय जननी !!!!!!
मिट जायेगी धर्म की राजनीति, ना हिन्दू होगा ना मुसलमान होगा,
यह देश उसी को अपना कहेगा, जिसके दिल में हिन्दुस्तान होगा।
फतवे के, ज़ेहाद के नाम से आतंक बरपाती नस्लों का सर कलम होगा,
मादर ए वतन उन्हीं की खातिर, जिनके होठों पे वंदे मातरम् होगा।
मस्ज़िद मंदिर से फैलता हो अगर बैर तो चस्पा इनपर ताला कर दो,
वैमनस्य का बीज बोती विचारधाराओं का मुखमंडल काला कर दो।
गंगा के तट पर अजानों और मन्त्रों के उच्चारण का बोलबाला होगा,
देश उन्हीं का और उनसे ही चलेगा जिन्होंने दिल में तिरंगा संभाला होगा।
