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Mamta Rani

Abstract

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Mamta Rani

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जननी

जननी

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जननी हो माँ तुम ही

तुम ही सारा संसार हो

बच्चों के दिल में बसी

जैसे ममता भरमार हो


छवि तुम्हारी ऐसी जैसे

दुर्गा माँ का दीदार हो

दिल में तेरे प्रेम स्नेह

जैसे माँ का श्रृंगार हो


ममतामयी हो माँ तुम ही

दिल में प्यार और दुलार हो

गोद है तुम्हारी जन्नत

स्वर्ग जैसे संसार हो


रेगिस्तान की रेत में जैसे

मीठी पानी की बौछार हो

ये घर ये संसार तुझमें है होता

जैसे बगियन का बहार हो


जन्म तुम्हीं ही देती हो

प्राण ऐसे भर देती हो

साथ ना हो चाहे कोई

तुम हर पल होती हो।


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