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Neha Rao

Abstract

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Neha Rao

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जीवन- मरण

जीवन- मरण

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जिंदगी

हां हां जिंदगी 

वही जो मां रुपी भगवान ने दी है


कौन कहते हैं कि जिंदगी

सिर्फ एक बार ही मिलती है

मुझे तो जिंदगी रोज रोज मिलती है

वो भी मुफ्त में


ना कोई फार्म भरना पड़ताा है

ना कोई अर्जी लगानी पड़ती है

बस हर पल एक नई सांस साथ

मिलती है जिसमें एक नया

जीवन नया सवेरा भी मिलता है


जो एक नए अनुभव और

एक नई उम्मीद के साथ आता है

इसी को जीवन कहते हैं ना

जीवन में सिर्फ एक बार तो मौत मिलती है।


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