Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

SumanKalyan Dash

Inspirational

3  

SumanKalyan Dash

Inspirational

जासूस या हीरो

जासूस या हीरो

1 min
378


जासूस कहो या देशभक्त

कोई फर्क नहीं पड़ता,

मातृभूमि के लिए सब छोड़ा 

ढूंढ रही हैं मा की ममता।


आगे पीछे मौत है मेरी

फिर भी निडर चलता हूं,

कभी मर जाऊं तो,

सम्मान छोड़ो

गद्दार परिचय पाता हूं।


नाम बदनाम क्या चीज़ है

वतन के वास्ते सब सहूंगा

उनके लिए जासूस हूं, मगर

मेरा देश सदा 'हीरो' कहेगा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational