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Rashmi Kumari

Abstract

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Rashmi Kumari

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होली ,और आप

होली ,और आप

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आपको रंग लगाना है 

होली आज मानना है 

प्रतिकार करो इनकर करो 

पर रंगों को स्वीकार करो 

रंगों से आपको नहलाना है 

होली आज मानना है 

भर पिचकारी बौछार जो मारी 

भीगी चुनरी भीगी सारी 

अपने ही रंगों मे रंगबाना है 

होली आज मानना है

अबीर गुलाल तो बहाना है 

दूरियां दिलों से मिटाना है 

तो कैसे ये सरमान है 

होली आज मानना है. 


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