हमारी प्यारी हिंदी
हमारी प्यारी हिंदी
अति मधुर मनमोहिनी है हमारी हिंदी
भारती के भाल पर सुशोभित बिंदी
संस्कृत ने जन्म दिया बनकर जननी
मृदुलता से बनी भाषाओं की भगिनी।
दिया इसने अपनी संस्कृति का ज्ञान
विदेशों में भी बनाई अपनी पहचान
मीठी बोलियों की बनी संगम गान
उद्गम इसका पावन गंगा जल समान।
हर हिंदुस्तानी के दिल में जगाए आशा
प्रेम इत्र फैलाये हमारी यह हिंदी भाषा
है सबकी प्यारी-दुलारी, करे अठखेली
सहृदयता से मधुरता को बनाये सहेली।
रहे भेदभाव से दूर कभी न अखरे
निर्मल मन से बोले तो मोती झरे।
आओ हम इसे माँ समान अपनाएँ
दे सम्मान मातृभाषा का मान बढ़ाएँ।
माँ देती हमारे हर खुशी-गम में साथ
माँ तो होती है दुनिया में सबसे खास
आज हम ये सबको अहसास दिलाएँ
संकल्प ले हर दिन हिंदी दिवस मनाएँ।
