गुजारिश..
गुजारिश..
ऐ! भागती हुई जिंदगी, ठहर तो जा...
तुझसे कुछ बात करना है..
कुछ मुझे सुनना है तुझसे, कुछ तुझे सुनाना है।
कुछ जानना है तुझसे, कुछ तुझे बताना है ।
कुछ पूछना है तुझसे, कुछ तुझे बोलना है।
कभी सबसे आगे बढ़ना है, कभी यूं ही पीछे छूट जाना है।
कभी जीतना है तुझसे, कभी खुद से ही हार जाना है।
कभी समझना है तुझे, कभी तुझे समझाना है।
कभी हैरान होना है, कभी तुझे करना है।
कभी तुझसे रूठना है, कभी खुद ही मान जाना है।
ऐ जिंदगी जरा ठहर तो जा, कि आज बस तुझे गले लगाना है
