Farhan Parekh
Romance
जिस का इंकार भी
इंकार न समझा जाए
हम से वो यार-ए-तरह-दार
न समझा जाए
इतनी काविश भी न कर
मेरी असीरी के लिए
तू कहीं मेरा गिरफ़्तार
न समझा जाए।
गिरफ्तार
तुम्हारी अदाओं पे, कुर्बान मैं हूँ । तुम्हारी आँखों का, संसार मैं हूँ ।। तुम्हारी अदाओं पे, कुर्बान मैं हूँ । तुम्हारी आँखों का, संसार मैं हूँ ।।
तेरे मेरे इश्क में हर प्यार वाली बात मानो जनवरी की कोई सर्दीली रात। तेरे मेरे इश्क में हर प्यार वाली बात मानो जनवरी की कोई सर्दीली रात।
उसी तरह हकीकत में आओ ना मेरे कांधे पर सर रखकर पास बैठ जाओ ना। उसी तरह हकीकत में आओ ना मेरे कांधे पर सर रखकर पास बैठ जाओ ना।
दिन मुसीबत के जब गुजर जाते हैं, खोए हुए दोस्त, रिश्तेदार सब नजर आते हैं। दिन मुसीबत के जब गुजर जाते हैं, खोए हुए दोस्त, रिश्तेदार सब नजर आते हैं।
बस कह देना चाहती हूं जो कहा नही, बस सुनना चाहती हूं जो गीत मेरा हुआ नही। बस कह देना चाहती हूं जो कहा नही, बस सुनना चाहती हूं जो गीत मेरा हुआ नही।
तेरे प्यार में बदनामियाँ ,हम सहते रहे तेरी कसम। तेरे प्यार में बदनामियाँ ,हम सहते रहे तेरी कसम।
प्यार करो, बेवजह करो, किसी और से नहीं ,खुद से करो प्यार करो, बेवजह करो, किसी और से नहीं ,खुद से करो
ये नीम सर्दी की बेहद सर्द और लंबी लंबी रातें , मुझसे करती रहती हैं हर रात यही शिकायतें। ये नीम सर्दी की बेहद सर्द और लंबी लंबी रातें , मुझसे करती रहती हैं हर रात यही...
ऐ चाँद अपनी थोड़ी सी रोशनी हमपे बिखेर दे। ऐ चाँद अपनी थोड़ी सी रोशनी हमपे बिखेर दे।
देख दशा देश की मन बहुत व्यथित है आज मंदिर मस्जिद के नाम पर क्यों लड़ रहा इंसान। देख दशा देश की मन बहुत व्यथित है आज मंदिर मस्जिद के नाम पर क्यों लड़ रहा इंस...
दिल की कलम से इश्क रोशनी पर लिख दिया। दिल की कलम से इश्क रोशनी पर लिख दिया।
दो ही तो बुरी लत थी मेरी एक तुम दूजी चाय। दो ही तो बुरी लत थी मेरी एक तुम दूजी चाय।
हमारे हल्के गुलाबी प्रणय के दिनों में मैने तुम्हे बताया , तुम्हारा स्थान मेरे ह्रदय मे। हमारे हल्के गुलाबी प्रणय के दिनों में मैने तुम्हे बताया , तुम्हारा स्थान मेरे...
तेरे चेहरे को गेसू यूं ढके हैं ज्यों चांद को बदली। तेरे चेहरे को गेसू यूं ढके हैं ज्यों चांद को बदली।
तेरी अगन एक रोग है प्रीतम पर भय बिरह का मन भटकाए। तेरी अगन एक रोग है प्रीतम पर भय बिरह का मन भटकाए।
भला वो परेशाँ थीं या हम ख़फ़ा थे उनसे, कल तक वो मरती थी आज हम अलहदा हैं ! भला वो परेशाँ थीं या हम ख़फ़ा थे उनसे, कल तक वो मरती थी आज हम अलहदा हैं !
हमेशा वक़्त की शिकायत मत करो सभी लम्हों को एक ही तराज़ू से न तोलो। हमेशा वक़्त की शिकायत मत करो सभी लम्हों को एक ही तराज़ू से न तोलो।
मेरे शांत हृदय में हलचल कर देती है याद तुम्हारी। मेरे शांत हृदय में हलचल कर देती है याद तुम्हारी।
बेहद सताती है ये सर्दियां ; प्रिय के आलिंगन को उकसाती हैं ये सर्दियां ! बेहद सताती है ये सर्दियां ; प्रिय के आलिंगन को उकसाती हैं ये सर्दियां !
"तन्हाईयाँ"शौक से मोहब्बत किसी इश्कजादे से करिये, "तन्हाईयाँ"शौक से मोहब्बत किसी इश्कजादे से करिये,