STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

4  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Inspirational

दीपावली

दीपावली

1 min
376


दीप जले मन में आशा का मिट जाये सब अंधियारा । 

बुद्धि विवेक की ज्योति जले और घर घर फैले उजियारा ।।

दुख, दारिद्रय, कलेश मिटें जीवन में खुशहाली चमके 

मेहनत की दो रोटी से हर चेहरा चंदा सा दमके 

कठिन परिश्रम मूल मंत्र है सफल हुआ है जग सारा 

बुद्धि विवेक की ज्योति जले और घर घर फैले उजियारा ।। 

समरसता की पवन चले और भ्रातृ भाव की महक बढे 

प्रेम सुधा रस बरसे मन से हिंसा रूपी भाव घटे 

भारत मां की सेवा में तन मन धन अर्पण है सारा 

बुद्धि विवेक की ज्योति जले और घर घर फैले उजियारा 

दीप जले मन में आशा का मिट जाये सब अंधियारा । 

बुद्धि विवेक की ज्योति जले और घर घर फैले उजियारा ।।

सभी महानुभावों और मातृ शक्ति को दीप पर्व पर हार्दिक बधाइयां और अनंत शुभकामनाएं । यह दीप पर्व सबके जीवन में प्रकाश का संचार करे और नकारात्मकता रूपी अंधेरे का नाश करें । 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational