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ANURAG pratap singh

Inspirational

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ANURAG pratap singh

Inspirational

धुंधली तस्वीरें और विचार

धुंधली तस्वीरें और विचार

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जब हम बच्चे थे, तभी अच्छे थे 

आज की दुनिया से, वो बचपन के दिन ही सच्चे थे 

जब हम बच्चे थे तभी अच्छे थे 


आ गए शहरों में आज, अनजान लोगों के बीच,

अपना भविष्य बनाने के लिए,

मगर हमारे गॉंव में, पेड़ों की छांव में 

बैठे वे अपने ही अच्छे थे 

जब हम बच्चे थे, तभी अच्छे थे 


करते थे जिद बस खिलौनों के लिए,

तब दिल के साफ थे, दिमाग से कच्चे थे,

जब हम बच्चे थे, तभी अच्छे थे,


लौटना चाहता हूं फिर से उन गलियों में,

जहां बीता बचपन, जहां सपने सच्चे थे,

जब हम बच्चे थे, तभी अच्छे थे 




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