I'm ANURAG pratap and I love to read StoryMirror contents.
हल्की सी डाँट से आँखें छलक जाती थी, छोटी –छोटी खुशियों में दुनिया सिमट जाती थी, हल्की सी डाँट से आँखें छलक जाती थी, छोटी –छोटी खुशियों में दुनिया सिमट जाती थी,
आ गए शहरों में आज, अनजान लोगों के बीच, आ गए शहरों में आज, अनजान लोगों के बीच,