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Prince Kumar

Abstract


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Prince Kumar

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धरती

धरती

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धरती हमारी जननी है

धरती है हमारी पालनहार

ये करती हमारी देखभाल।

आओं मिलकर प्रण करें

धरती को हरी - भरी और

खुशहाल बनाए।


इसके गोद में हमने देखा

देखा पूरा संसार - 2

इसके गोद में हमने खेला

हमने खेल हजार - 2

अपने बच्चों से करती

बेहिसाब प्यार।


आओं मिलकर प्रण करें

धरती को हरी - भरी और

खुशहाल बनाए।

पशु- पक्षियां मिलकर रहते

धरती करती इनकी देखभाल

पक्षियों की ध्वनि प्यारी

धरती के ये शोभा बढ़ाते।


आओं मिलकर प्रण करें

धरती को हरी - भरी

और खुशहाल बनाए।


किसानों की तुम्हीं सहारा

तुम्हीं इसकी पालनहार

तुम्हीं इसकी रक्षक हो

किसान अपने मेहनत से


इस पे हैं फसल लगते

फसल की हरियाली से

धरती खुश हो जाती।

आओं मिलकर प्रण करें

धरती को हरी - भरी

और खुशहाल बनाए।


आओं मिलकर प्रण करें

सब मिलकर अब पेड़ लगाए

पर्यावरण को शुद्ध करे

धरती को हरी-भरी

और खुशहाल बनाए - 2


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