डॉक्टर साहिबा के रूपा अनेक
डॉक्टर साहिबा के रूपा अनेक
डॉक्टर साहिबा तुम कितनी प्यारी,
सफेद कोर्ट तुम्हारे पवित्रता की निशानी,
मरीज देख जो तुम मुस्करा के बोलती,
आधी बीमारी तुरंत उड़न छू हो जाए,
आधी बीमारी को तुम ईश्वरीय कर्मों से,
छू करतीअपने गुणो का जादू बिखेर,
मरीज को स्वस्थ करके ही दम लेती,
डॉक्टर साहिबा तुम कितने दिलवाले,
कोई अपना एक दिल संभाल ना पाए,
करोड़ों दिलों की रखवाली करती तुम,
साहिबा तुम प्यारी दुलारी इस जग की,
रोते हुए को हंसा कर खुश कर भेजें,
ईश्वर की दुआ हो तुम डॉक्टर साहिबा।
