दौड़
दौड़
तू अकेला नहीं,
बस तुझे खबर नहीं,
तेरे संग इसलिए दौड़ में,
ये जहाँ भागता है,
समय ही तेरा मित्र है,
समय ही तेरा शत्रु भी,
रफ़्तार की जब मिसाल तू,
तब जीत का तू पात्र भी,
तू खुद में विश्वास रख,
मंज़िलो कों याद रख,
तेरे विरुद्ध इस दौड़ में,
ये जहाँ भागता है,
अग्रसर तू किस और है,
क्या है वो दिशा तेरी,
लक्ष्य के तू समीप है,
या भ्रम में ठहरा दूर कहीं,
तू खुद में विश्वास रख,
मंज़िलो को याद रख,
तुझसे तेज़ इस दौड़ में,
ये जहाँ भागता है,
कायरों की भीड़ से तू,
निकला हुआ एक शेर है,
जज़्बातो की आड़ में जो,
न रह सके वो वीर है,
तू खुद में विश्वास रख,
मंज़िलो कों याद रख,
तेरे संग इस दौड़ मेंं,
ये जहाँ भागता है।
